OUR BRIEF INTRODUCTION

हमारा संक्षिप्त परिचय

16 जून सन 1992 का वह तारीखी दिन था जब अल्हाज अब्दुल क़दीर मरहूम ने अपने मोहल्ले के सामने एक ऐसे तालीमी इदारे की बुनियाद रखने का ख़्वाब पेश किया, जो इलाके की तालीमी पस्मान्दगी (शैक्षिक पिछड़ेपन) को दूर कर सके। उसी दिन एक आम बैठक आयोजित की गई, जिसमें हाजी अब्दुल क़दीर साहब को सर्वसम्मति से सदर चुना गया और मुजाहिद-ए-दौरां हज़रत मुज़फ़्फ़र हुसैन किछोछवी (रह0) की ज़ेरे सरपरस्ती मदरसा अहले सुन्नत क़दीर-उल-उलूम अशरफ़िया हुसैनिया की शक्ल में इस इदारे का क़याम अमल में आया।

जुलाई 1992 से तालीम का आग़ाज़ कर दिया गया और 1993 ई. में मदरसे की इमारत की तामीर मुकम्मल हुई। 1996 में मदरसे की कमेटी का विधिवत गठन किया गया और 31 दिसम्बर 1996 को “क़दीर-उल-उलूम” के नाम से संस्था का पंजीकरण रजिस्ट्रार फर्म्स, सोसायटीज़ एवं चिट्स, मुरादाबाद में कराया गया।

मुजाहिद-ए-दौरां के विसाल के बाद सैयद सय्यद ज़फ़र मसऊद अशरफ़ किछोछवी साहब की रहनुमाई और ख्वाहिश के मुताबिक इदारे को असरी तालीम से जोड़ने का सिलसिला शुरू हुआ और जुलाई 1997 में अल-क़दीर पब्लिक स्कूल की स्थापना की गई। शासन द्वारा दिनांक 07.10.1998 के पत्रांक शिक्षा संख्या/मान्यता/8008/99-2000 तथा 20.03.2000 को स्थायी मान्यता प्राप्त हुई। इसके पश्चात जूनियर कक्षाओं की मान्यता हेतु वर्ष 2002 में आवेदन किया गया और शासन के पत्रांक शि0 सहा0/मान्यता/4623-24/2002-2003 दिनांक 23.09.2002 के माध्यम से जूनियर कक्षाओं की मान्यता भी प्राप्त हो गई।

विद्यालय को हाई स्कूल तक विस्तारित करने का सिलसिला सन 2000 में ही शुरू हो गया था। हाई स्कूल की कक्षाओं हेतु नई इमारत (जूनियर हाई से पृथक) का संग-ए-बुनियाद हज़रत ज़फ़र मसऊद अशरफ़ किछोछवी साहब के दस्ते मुबारक से 20 फरवरी 2000 को रखा गया। तामीर के इस नेक काम में आम लोगों भी ने हस्बे हैसियत सहयोग किया, जबकि माननीय विधायक सम्भल, जनाब इक़बाल महमूद साहब ने ₹1,00,000 की राशि देकर अहम योगदान पेश किया।

10 अक्टूबर 2004 को हाजी अब्दुल क़दीर साहब अपना सब कुछ इस इदारे के नाम करके इस सराए-फ़ानी से रुख़्सत हो गए। उस वक़्त यह अंदेशा पैदा हुआ कि कहीं यह मिशन अधूरा न रह जाए, लेकिन अल्लाह के करम, बुज़ुर्गों की दुआओं और हज़रत ज़फ़र मसऊद अशरफ़ किछोछवी साहब की सरपरस्ती में, स्कूल के स्टाफ और मेरी मुस्तक़िल मेहनत के नतीजे में दिनांक 29.09.2008 को हाई स्कूल की मान्यता प्राप्त हुई और कक्षाएं सुचारु रूप से संचालित होने लगीं।

कामयाबी के इस सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए अल-क़दीर हायर सेकेंडरी स्कूल को उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद, इलाहाबाद द्वारा वर्ष 2013 में बोर्ड परीक्षा केंद्र के रूप में नामित किया गया, जहाँ छह विद्यालयों के 621 परीक्षार्थियों ने स्वच्छ एवं नकल-विहीन वातावरण में परीक्षा दी। वर्ष 2014 में भी हाई स्कूल के 109 तथा इंटरमीडिएट के 231 परीक्षार्थियों के लिए यह केंद्र निर्धारित किया गया। जिला विद्यालय निरीक्षक सम्भल, श्री ए के दूबे साहब सहित विभिन्न अधिकारियों ने निरीक्षण कर परीक्षा संचालन की सराहना की। इसी उत्कृष्ट व्यवस्था को देखते हुए वर्ष 2014 में उत्तर प्रदेश अरबी-फारसी मदरसा बोर्ड की परीक्षाओं हेतु 563 परीक्षार्थियों का केंद्र भी यहां स्थापित किया गया, जो सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ।

अल्हम्दुलिल्लाह, आज यह इदारा तरक़्क़ी की नई मंज़िलों को छूते हुए एक मुकम्मल इंटर कॉलेज का दर्जा हासिल कर चुका है, जहाँ विज्ञान (Science) और मानविकी (Humanities) दोनों संकायों में उच्च स्तर की तालीम दी जा रही है। यह हमारे बुनियादी मक़सद, हर तबक़े तक किफायती और मयारी तालीम पहुँचाने, की कामयाब तर्जुमानी करता है।

इंशा अल्लाह, कामयाबी की इसी रफ़्तार के साथ वह दिन दूर नहीं जब यह इदारा डिग्री कॉलेज की शक्ल इख़्तियार करेगा और यहां तकनीकी व व्यावसायिक तालीम के दरवाज़े भी खुलेंगे, ताकि हमारे नौजवान सिर्फ़ पढ़े-लिखे ही नहीं, बल्कि हुनरमंद और खुदमुख्तार भी बन सकें।

कौसर हुसैन
सेक्रेटरी, अल-क़ादीर इंटर कॉलेज

Secretary’s Message

हमारा उद्देश्य हमेशा यह रहा है कि अच्छी शिक्षा हर बच्चे तक पहुँचे। हमें विश्वास है कि जब एक बच्चा पढ़ता है, तो उसका पूरा परिवार और समाज एक बेहतर भविष्य की ओर बढ़ते हैं।

कौसर हुसैन